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खुशियाँ

Mar 15
1 min read

असल मै खुशियाँ क्या हैं? जब हम आत्मिक और मानसिक रूप से प्रसन्न महसूस करे वहीँ खुशी हैं। जो सुकून हम हर दिन पल छीन जीते हैं एक वहीँ सच्ची खुशी हैं जो पल हँसते मुस्कुराते कट जाये और हम किसी के आँसू का नहीं हँसी का कारण बने बस इसी को जीवन का असल आनंद और ख़ुशी माने..बाकि तो खाली मन की चाहते हो सकती हैं खुशियाँ नहीं..

अक्सर हम सोचते है मुझे ख़ुशी  तभी मिलेंगी जब मे पैसे कमाने लगूं बिज़नेस या नौकरी बढ़िया हो, घर हो संतान हो परंतु आपने देखा होगा तब कोई और कारण होते है ख़ुशी मे बाधा के.... ऐसा कोई समय या पल नहीं होता जो आपकी और खुशियों के बीच न हो जो है वर्तमान है जो वर्तमान मे ख़ुश है उसे कभी खुशियों का इंतजार नहीं करना पड़े,,क्योंकि  जो वक्त जी रहे होते है वहीँ जीवन और ख़ुशी है बाकि तो या तो बीत गया है या आने वाला है और दोनों का कोई भरोसा नहीं.... कई बार जमीन पर बैठा व्यक्ति ठाहके लगा हॅस सकता है और कइयों को सोने के पलंग पर भी बेचैनी ही रहती है इसलिए जो है उसी मे हँसी और ख़ुशी ढूंढे और खुश और मस्त रहे ज्यादा कमाने और भागदौड़ करने वाले अक्सर चिड़चिड़े और हर बात मे दुःखी नज़र आते है इसलिये खुशियों को ढूंढे गम तो खुद ही हमें ढूंढ लेता है

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