बारिश जीवन अमृत की
- pushpavashishtrani
- 2 days ago
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बारिश का मौसम इस सृष्टि के लिए अपने भीतर की ऊर्जा को सहेजने के लिए होता हैँ। ये प्रकृति की हिलिंग का समय हैँ ज़ब वो सर्दी और गर्मी के कठोर वातावरण को झेल अपने आप को दुबारा जीवन के सौंदर्य, प्रेम, दुलार के भाव से पुनः जीवंत और ऊर्जावान बना फिर से मृत कोशिकाओ को बुनती हैँ। जैसे कोई गाड़ी सर्विसिंग के लिए जाए और फिर से परफेक्ट हो वापिस आये। सोचिये जब सृष्टि अपने आप को अपनी प्रकृतिक सुंदरता को वापिस सहजने के निरंतर प्रयासों मे जुटी हैँ महीनों सर्द और गर्म हवाओं के थपेड़े सहने के बाद फिर से अपने को सुधार नित नई कपोल खिला नदी, झरने तालाब भर समस्त सृष्टि को फिर से हरा भरा कर जीवन योग्य बनाती हैँ हर अतिक्रमण को जो तन मन पर लगा था बाढ़ मे बहा पुनः विस्तार का नया मार्ग खोज लेती हैँ। प्रकृति की इस सृष्टि की यहीं जीवंतता अगर हम सभी अपने जीवन मे उतारे और जीवन मे आई गमों, दुःख, रोष क्रोध, उदासी, बैर और द्वेष की आँधियो को, चिंता और अलगाव की धुप को और आपसी मन मुटाव के थपेड़े को अपने इर्द गिर्द फैलीं नकारात्मक सोच को भी अपने मन की सर्विसिंग करके प्रेम करुणा दया इंसानियत और सकारात्मक सोच की बारिश मे समय समय पर भीगते रहे तो मन मे संबंधों और रिश्ते नातो मे आये अलगाव और द्वेष को बहा सकते हैँ। मन की विचारों की एक समय के बाद धुलाई जरूरी हैँ. पुराने को कई गर्द की परतो को झाड फटकार कर पुनः सहेज कर रखने के प्रयास जीवन भर जरूरी हैँ। बारिश का मौसम प्रकृति के लिए हम सभी के लिए नव निमार्ण नव सृजन श्रृंगार का अद्वितीय संदेश भी हैँ संसार और मन मंदिर की रिक्त नदियों को भरने का समय भी हैँ। प्रेम और इंसानियत की करुणा और भाव भरी बारिश मन को हरा भरा करती हैँ और सृष्टि की बारिश प्रकृति का पुनः नव संचालन करती हैँ,,,,, बारिश जीवन मे निरंतर जरूरी हैँ जीवन के लिए




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